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March, 2010 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

जबलपुर में कविता पोस्टरों की प्रदर्शनी, काव्य पाठ और कला व्याख्यान पर केन्द्रित दो दिवसीय 'दृश्य और श्रव्य' कार्यक्रम आयोजित

प्रगतिशील लेखक संघ, विवेचना, विवेचना रंगमंडल और सुर-पराग के तत्वावधान में पिछले दिनों (१३-१४ मार्च को) जबलपुर में दो दिवसीय 'दृश्य और श्रव्य' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पिछले दो दशक के हिंदी के श्रेष्ठ कवियों राजेश जोशी, वीरेन डंगवाल और राजकुमार केसवानी का काव्य पाठ, कविताओं की पोस्टर कला कृतियों की नुमाइश और विखयात विश्वविखयात चित्रकार एवं कथाकार अशोक भौमिक का व्याख्यान हुआ। दो दिवसीय दृश्य और श्रव्य कार्यक्रम का आयोजन इस मायने में महत्वपूर्ण रहा कि इसमें जबलपुर के साहित्यकारों, लेखकों, चित्रकारों, रंगकर्मियों के साथ आम लोगों खासतौर से महिलाओं की बड़ी संखया में सहभागिता रही। दो दिन तक जबलपुर के साहित्य और कला प्रेमियों ने अपनी शाम स्थानीय रानी दुर्गावती संग्रहालय की कला वीथिका में विचारोत्तेजक कविता पाठ सुनने के साथ कविताओं की पोस्टर कला कृतियां देखने में गुजारी। अशोक भौमिक द्वारा 'समकालीन भारतीय चित्रकला में जनवादी प्रवृत्तियां' विषय पर पावर पाइंट प्रस्तुतिकरण के साथ दिया गया व्याख्यान कला प्रेमियों के साथ-साथ कला से वास्ता न रखने वाले आम लोगों के ल…