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पीवी राजगोपाल को अन्ना हजारे से अलग, स्वयं का अस्तित्व बनाए रखने की सलाह

केरल में जन्मे गांधीवादी कार्यकर्ता पीवी राजगोपाल गांधी शांति प्रतिष्ठान के उपाध्यक्ष और एकता परिषद के प्रमुख हैं . एकता परिषद की स्थापना वर्ष १९९१ में की गई थी . राजगोपाल ने वर्धा स्थित सेवाग्राम से कृषि का अध्ययन करने के बाद ७० के दशक में चंबल के डाकुओं के समर्पण और पुनर्वास में सक्रिय भूमिका निभाई . कथकली का नृत्य का प्रशिक्षण ले चुके राजगोपाल की पत्नी कनाडा मूल की जिल कार हैरिस हैं. जिल कार हेरिस भारत भ्रमण के साथ साथ सहकारिता , आदिवासी उत्पीडन और जल -जंगल - ज़मीन से जुड़े मामलों के अध्यन के लिए आईं थी . पी वी राजगोपाल के साथ इन क्षेत्रों में काम करते उन्हें लगा कि राजगोपाल अपने आंदोलन के प्रति तन मन से ईमानदार हैं , तभी उन्होंने राजगोपाल की जीवन संगिनी बनने का फैसला किया और तभी से वे उतनी ही ईमानदारी से राजगोपाल के हर कदम पर उनके साथ रहती हैं.  राजगोपाल के मुताबिक एकता परिषद एक अहिंसक सामाजिक आंदोलन है, जो राष्ट्रीय स्तर पर गरीब और भूमिहीन लोगों के लिए भूमि अधिकारों की मांग कर रहा है। भूमि सुधार वन अधिकारों की मांग को ले कर राजगोपाल ने २००७ में भी ग्वालियर से दिल्ली तक २५ हजार लो…