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जबलपुर के अजय चौधरी पद्मभूषण से सम्मानित


जबलपुर निवासी हिन्दुस्तान कंप्यूटर्स लिमिटेड (एचसीएल) के सह-संस्थापक अजय चौधरी को व्यवसाय और उद्योग क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए पिछले दिनों भारत की राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने पद्मभूषण से सम्मानित किया। उल्लेखनीय है कि अजय चौधरी जबलपुर नगर निगम के पूर्व आयुक्त स्वर्गीय जयकृष्ण चौधरी ‘हबीब’ के पुत्र हैं। अजय चौधरी की प्रारंभिक शिक्षा क्राइस्ट चर्च बॉयज हायर सेकेण्डरी स्कूल और जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज में हुई। अजय चौधरी की इस उपलब्धि के लिए जबलपुर नगर निगम ने उनके नागरिक अभिनंदन करने की योजना बनाई है और यह समारोह जल्द ही आयोजित होगा।


अजय चौधरी का जन्म 29 अगस्त, 1950 को हुआ। उन्होंने इलेक्ट्रानिक्स एवं कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में स्नातक की उपाधि प्राप्त की और मिशिगन यूनिवर्सिटी, अमेरिका में स्कूल आफ बिजसेन एडमिनिस्ट्रेशन के एक्ज़क्यूटिव प्रोग्राम में शामिल हुए। अजय चौधरी ने तीन दशक पूर्व अपनी विस्मयकारी यात्रा इस सपने के साथ शुरू की कि भारत के पास अपना स्वयं का माइक्रोकंप्यूटर होगा। उन्होंने पांच अन्य व्यक्तियों के साथ सूचना और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में 1976 में भारत की पहली शुरूआत, एचसीएल की नींव रखी। 25,267 करोड़ रूपए के वैश्विक उद्यम बन चुके एससीएल की प्रगति में अजय चौधरी की भूमिका अहम रही है। अजय चौधरी की अगुवाई में एचसीएल इंफोसिस्ट्म, उभर रही प्रौद्योगिकियों पर अपनी जबर्दस्त पकड़ के साथ आज हार्डवेयर, सिस्ट्म-इंटीग्रेशन और अधोसंरचना-प्रबंधन-सेवा में अग्रणी पथ प्रदर्शक बन गया है।

अजय चौधरी के नेतृत्व में एचसीएल ने अनेक नई परियोजनाओं को पूरा किया है, जिन्होंने अपनी अमिट छाप छोड़ी है। इनमें सूचना प्रौद्योगिकी के रिटेल क्षेत्र में पदार्पण द्वारा एससीएल इंफोसिस्ट्म को डिजिटल जीवनशैली की व्यापकता में शामिल करना, केन्द्राभिमुखता (कन्वर्जेस) के लिए प्रौद्योगिकी की क्षमता का निर्माण तब करना, जब सूचना-प्रौद्योगिकी संबंधी केन्द्राभिमुखता, एक नारा मात्र ही हुआ करता था, सिस्ट्म-इंटीग्रेषन के व्यापक व्यापार की शुरूआत करना, गुणवत्ता आंदोलन के जरिए कंपनी की अगुवाई करना और जनता के लिए सूचना प्रौद्योगिकी के कथन को अमल में लाना, इसके कुछ उदाहरण रहे हैं। भारत की विनिर्माण क्षमता में अत्यधिक विश्वास रखते हुए अजय चौधरी ने भारत में विनिर्माण के महत्व को आगे लाने में अनवरत रूप से कार्य किया है।

वर्ष 2009 में अजय चौधरी को केन्द्रीय सूचना-प्रौद्योगिकी एवं संचार मंत्रालय द्वारा गठित आईटी टास्क फोर्स का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। इस समिति ने सरकार को अपनी व्यापक रिपोर्ट प्रस्तुत की। टास्क फोर्स में उद्योग-निकायों तथा मेट और नैसकॉम आदि सहित विभिन्न एसोसिएशनों का विचारशील नेतृत्व शामिल था।

भारत के घरेलू सूचना-प्रौद्योगिकी बाजार के समर्थक के रूप में अजय चौधरी के योगदान तथा भारत में इलेक्ट्रानिक्स के क्षेत्र में उनके अनवरत प्रयासों की मान्यतास्वरूप डाटाक्वेस्ट आईटी पर्सन आफ द ईयर 2001 अवार्ड, वर्ष 2010 के लिए ईएलसीआईएनए-ईएफवाई द्वारा इलेक्ट्रानिक्स मैन आफ द ईयर, व्यूअर्स च्वाइस के लिए सीएनबीसी एशिया बिजनेस लीडर अवार्ड 2010, सीएनबीसी टीवी-18 इंडिया बिजनेस लीडर अवार्डस् 2010 के छठे संस्करण में इंडिया इनोवेटर आफ द ईयर अवार्ड आदि से सम्मानित किया गया। अजय चौधरी को देश के सूचना-प्रौद्योगिकी के उत्पादों के लिए अतुलनीय इको-प्रणाली के विकास, कंप्यूटर हार्डवेयर और साफ्टवेयर के क्षेत्र में उनके विचारपूर्ण नेतृत्व के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रूड़की द्वारा वर्ष 2010 में डाक्टरेट आफ साइंस (डी.एससी.) से भी सम्मानित किया गया।

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