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आन गांव के सिद्ध पंडित अजय पोहनकर

पिछले दिनों रेडियो एंड म्यूजिक डाट काममें किराना घराने के गायक पंडित अजय पोहनकर का एक इंटरव्यू पढ़ने को मिला। इस इंटरव्यू को पढ़ते हुए मैं अतीत में चला गया। आम भारतीयों की तरह मैं भी नास्टलाजिक हूं। मुझे पंडित अजय पोहनकर और उके परिवार से जुड़ी बातें याद आने लगीं। प्रयास करने के बाद मुझे पंडित अजय पोहनकर का मोबाइल नंबर मिला और उनसे बात करने को स्वयं को रोक नहीं सका। जब मैंने उनको फोन लगाया, तब वे मुंबई के ट्रैफिक में फंसे हुए थे। जब उन्हें यह जानकारी मिली कि मैं जबलपुर से बात कर रहा हूं, तो वे भावुक हो गए और उन्होंने कहा कि वे दूसरे दिन स्वयं मुझसे बात करेंगे। बहुत से लोगों और जबलपुर के लोगों को ही यह जानकारी नहीं है कि अजय पोहनकर जबलपुर के रहने वाले हैं। उनके लिए "घर का जोगी जोगड़ा, आन गांव के सिद्ध" कहावत सटीक बैठती है। दूसरे दिन निश्चित समय पर मेरी उनसे बातचीत हुई। संक्षिप्त बातचीत में पंडित अजय पोहनकर ने सबसे पहले कहा-‘‘मुझे जबलपुर और मध्यप्रदेश ने तो भुला दिया।’’ पंडित जी ने कहा कि वे मध्यप्रदेश और खासतौर से मध्यप्रदेश के लिए बहुत कुछ करना चाहते हैं, लेकिन कोई इसके लिए पहल तो…